विडंबना: हजारों किलोमीटर जिंदगी की जंग, घर पहुंचे तो खाली हाथ

मजदूरों के लिए इससे बुरा दिन क्या होगा कि जो दिवस उनके हक के लिए मनाया जाता हो, उस दिन देश के लाखों मजदूर काम-धंधे बंद होने से अलग-अलग महानगरों से गांव जाने के लिए बेसब्र बैठे हैं। सरकार और संस्थान...

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