हर साल हो रहा लाखों पलायन पर चुनाव में नहीं बन रहा मुद्दा

मेरे घर में बीबी है, बच्चे हैं, मां-बाप है, फिर भी है नौकरी नहीं, यही एक अभिशाप है।छोड़ के अपना घर-बाड़, अब हम तो चले परदेशचाहिए दो जून की रोटी, और कोई कारण नहीं विशेष।।पलायन पर किसी कवि की...

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